कान से सम्‍बंधित रोगों का घरेलू इलाज

कान से सम्‍बंधित रोगों का घरेलू इलाज
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कान दर्द का उपाय
  • कान में दर्द होने और मवाद बहने की स्थिति में प्‍याज के रस की 5-6 बूंदें हल्‍का गुनगुना कर कान में डालने से आराम मिलता है।
  • दूध पीते बच्‍चे को कान दर्द महसूस हो तो मां के दूध में समान मात्रा में कद्दू का रस मिलाकर दो बूंद कान में टपकायें।
  • लहसुन, मूली और अदरक के रस को हल्‍का गुनगुना कर कान में बूंद-बूंद कर डालने से पकी फुंसी शीघ्र ही नष्‍ट हो जाती है।
  • लहसुन की 2 कली को सरसों तेल में तब तक गर्म करें जब तक की लहसुन काली न हो जाये। अब इसे कपड़े से छान लें। इस छाने हुए तेल को रूई के फाहे की सहायता से कान में डालें। इससे कान का दर्द दूर हो जाता है और जमे हुए मैल भी आसानी से निकालनें में आसानी होती है।
  • यदि कान में कोई कीड़ा चला गया हो, तो सरसों तेल को गुनगुना गर्म कर कान में डालने पर कीड़ा फौरन बाहर आ जाता है।

कान बहने की शिकायत हो तो सम्‍बंधित उपाय
  • तुलसी की पत्तियों का रस हल्‍का गर्म कर चार बूंदें कान में डालने से कान का दर्द कम हो जाता है। यदि कान बहने की शिकायत हो तो कुछ दिनों तक लगातार इसका प्रयोग करना चाहिए।
  • अदरक के रस में शहद तथा हल्‍का नमक डालकर उसे गुनगुना कर लें। इसकी कुछ बूंदें कान में डालने से कान बहने की शिकायत में लाभ पहुंचेगा।
  • एक कप गुनगुने पानी में एक-चौथाई चम्‍मच फिटकरी का चूर्ण मिलाकर कान धोने से कान का बहना बंद हो जाता है।
  • यदि बच्‍चों को कान बहता हो तो एक-दो बूंद चूने का पानी ड्रॉपर से डालें। आम के पत्‍तों का रस गुनगुना करके डालने से भी फायदा होता हैं।

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