Diarrhea : Symptoms, Causes, Treatment & Precautions अतिसार : लक्षण, कारण, उपचार और परहेज

Name of the Disease : Diarrhea
बीमारी का नाम : अतिसार / डायरिया
diarrhea

Short Description of Diarrhea
अतिसार / डायरिया की संक्षिप्‍त जानकारी
डायरिया अथवा अतिसार वह स्थिति है जिसमें पीडि़त व्‍यक्ति को बार-बार मल त्याग करना पड़ता है या मल बहुत पतले होते हैं साथ में उल्‍टी भी हो सकती हैं। इसमें पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहते हैं। यह बैक्टेरियल संक्रमण के कारण होता है। जब हमारा पाचन तंत्र पानी को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता है और भोजन को अच्छे से पचा नही पाता है, तब भी डायरिया हो सकता है।

Symptoms of Diarrhea
अतिसार / डायरिया के लक्षण
डायरिया के कारण शरीर में बहुत अधिक पानी की कमी हो जाती है जिससे डिहाईड्रेशन हो जाता है।
डायरिया में उल्टी का अनुभव भी होता है।
तीव्र दशाओं में उदर के समस्त निचले भाग में पीड़ा तथा बेचैनी प्रतीत होती है अथवा मलत्याग के कुछ समय पूर्व मालूम होती है।
बार-बार शौचालय जाने की तीव्र इच्छा होती है।
कई गंभीर मामलों में बुखार और सिरदर्द भी हो जाता है।
धीमे अतिसार के बहुत समय तक बने रहने से, या उग्र दशा में थोड़े ही समय में, रोगी का शरीर कमजोर हो जाता है और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) की भयंकर दशा उत्पन्न हो सकती है। खनिज लवणों के तीव्र ह्रास से रक्तपूरिता तथा मूर्छा (कॉमा) उत्पन्न होकर मृत्यु तक हो सकती है।

Cause of Diarrhea
अतिसार / डायरिया का कारण
1. अत्यधिक तैलीय और भारी भोजन लेने से कई बार अपच और दस्त का सामना करना पड़ता है।
2. दूषित भोजन के सेवन करने से उसमें मौजूद बैक्टीरिया संक्रमण भी डायरिया का कारण हो सकता है। फूड प्‍वाइजनिंग डायरिया का बहुत आम कारण है।
3. किसी नई दवा का सेवन अथवा किसी दवा के साईड इफेक्‍ट के कारण भी डायरिया हो सकता है।
4. अत्यधिक शराब पीने से भी दस्त लग सकते हैं।
5. अत्यधिक चिंता, तनाव, दु:ख, डर या क्रोध पित्त-दोष को बढ़ाता है। इसके परिणामस्‍वरूप भी अतिसार होता है।

Treatment of Diarrhea
अतिसार / डायरिया का उपचार
1. लगातार होने वाले दस्त या क्रॉनिक दस्त अर्थात लंबे समय से चले आ रहे दस्त के मामलों में अत्‍यंत सावधानी बरतनी चाहिए। इससे निर्जलीकरण की गंभीर समस्‍या उत्‍पन्‍न हो सकती है। इसलिए सर्वप्रथम निर्जलीकरण से राहत पाने का का उपाय ढूँढना चाहिए। इसका सबसे सरल तरीका है तरल पदार्थ लेने की मात्रा को बढ़ाना। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (oral rehydration solution) का सेवन किया जा सकता है। सामान्‍यतया आपको सभी दुकानों पर आसानी से प्राप्‍त हो जाएगा। नहीं मिलने पर नमक-चीनी-पानी के घोल से आप घर में भी तैयार कर सकते हैं।
2. भोजन के रूप में तरल पदार्थों का ही सेवन करें। दलिया और ताजे फलों का जूस का सेवन करें।
3. कच्‍चा केला अतिसार में बहुत फायदेमंद होता है। कच्‍चा केला को उबाल लें और उसके छिलके को उतार कर अलग रख लें। गूदे को हाथ से मस कर थोड़ा नमक मिला लें और दलिया अथवा गीले चावल के साथ खिलायें। तीव्र अतिसार में उबले हुए केले के छिलके को भी हाथों से मस कर हल्‍का नमक मिलाकर सेवन करें।

परहेज / Precautions
क्रीम-युक्त भोजन, तला हुआ भोजन सूखे मेवे, कैफीन युक्त पेय, अंगूर, शहद, खजूर और डेयरी उत्पाद के सेवन से परहेज करें।

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