आंवला Indian Gooseberry

आंवला Indian Gooseberry
Amla+Indian+Gooseberry
वैज्ञानिक नाम - Phyllanthus Emblica

आंवला को अमृत फल की संज्ञा दी गयी है। यह अनेक रोगों की एक दवा है। भारत में यह प्रचुरता से पाया जाता है। इसे अनेक रूप में प्रयोग किया जाता है। आप इसे ताजे फल के रूप में भी खा सकते हैं। इसे सुखा कर चूर्ण बना कर भी प्रयोग कर सकते हैं। इसका अंचार, मुरब्बा, चटनी आदि बनाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। हर प्रकार से यह उतना ही फायदेमंद है। सदियों पहले च्यवन ऋषि ने इसकी महत्ता जानकर च्यवनप्राश का निर्माण किया था जिसके बारे में उन्होंने बताया कि इसका नियमित सेवन करने से व्यक्ति सदैव जवान और स्वस्थ शरीर पा सकता है।

आंवला में पाये जाने वाले पोषक तत्व :
आंवला में भरपूर मात्रा में एंटी आॅक्सीडेंट पाया जाता है। अकेले आंवला में इतना विटामिन 'सी' पाया जाता है जितना शायद ही किसी अन्य में उपलब्ध हो। इसमें अन्य तत्वों में फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट आदि पाया जाता है।

औषधीय प्रयोग :

1. हृदय रोग में — आंवला को हृदय रोगियों के लिए रामबाण कहा गया है। आंवला के नियमित सेवन से हृदय मजबूत होता है। धड़कन का तीव्र होना, भय लगना इत्यादि समस्याओं में यह काफी कारगर साबित होता है। हृदय रो​गी यदि कच्चे आंवला को चूस—चूस कर सेवन करें तो उन्हें सर्वाधिक लाभ होता है।

2. नेत्र रोग में — आंवले का रस आंखों की ज्योति बढ़ाने में भी सहायक होता है। नियमित रूप से आंवले के जूस के सेवन से मोतियाबिन्द, रतौंधी, स्पष्ट दृष्टि में कमी इन सभी नेत्र—रोगों में फायदा मिलता है।

3. मधुमेह में — आंवला इंसुलिन हार्मोन को सुदृढ़ करता है और रक्त में सुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है। आंवले के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से मधुमेह रोगियों को लाभ होता है।

4. पाचन क्रिया व दीर्घ आयु में लाभ — आंवला हमारे शरीर के मेटाबॉलिक क्रियाशीलता को तीव्र करता है। जिससे शरीर स्वस्थ रहता है और मनुष्य विकारों से रहित होकर दीर्घायु जीवन प्राप्त करता है। इसके सेवन से पाचन क्रिया सुदृढ़ होती है। यदि आपको कब्ज की शिकायत है तो आप सोते समय आंवले के चूर्ण को ठंढे अथवा गुनगुने पानी के साथ नियमित सेवन करें निश्चय लाभ होगा।

5. महिलाओं की समस्या में —  आंवला का नियमित सेवन महिलाओं की माहवारी की अनियमितताओं, अत्यधिक रक्तस्राव, पेट—दर्द आदि समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।

6. बालों की समस्या — जिनके बाल सफेद हो रहे हों अथवा कमजोर हों अथवा कम हों वो आंवले के रस को बालों में लगायें। कुछ घण्टों तक लगाने के बाद आंवले के शैम्पू अथवा किसी अन्य अच्छे शैम्पू से बाल धो लें अवश्य लाभ होगा। बालों में आंवले का रस लगाने से बालों की चमक भी बढ़ती है और बाल सिल्की हो जाते हैं।

7. प्रजनन सम्बंधी समस्या — आंवला एक वीर्यवर्धक औषधि भी है। आंवले का नियमित सेवन पुरूष व महिलाओं दोनों के प्रजनन सम्बन्धी समस्याओं को दूर करता है।

8. पीलिया (जॉण्डिस), खून की कमी — ताजे आंवले के रस में गन्ने का ताजा रस और शहद मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग में लाभ प्राप्त होता है।

9. रक्तस्राव — कहीं कट जाने पर यदि खून बहना बंद नहीं हो रहा हो ता आंवले का ताजा रस लगाने से रक्तस्राव बन्द हो जाता है और कटा हुआ स्थान भी शीघ्र ठीक हो जाता है।

10. गर्मी के प्रभाव को रोकने में — यदि गर्मी की अधिकता के कारण कमजोरी मालूम हो, चक्कर आये अथवा पेशाब का रंग पीला हो जाए तो प्रतिदिन सुबह आंवले का मुरब्बा खाकर शीतल जल पीना चाहिए।

11. तनाव को दूर करने में — आंवला का सेवन तनाव को दूर रखता है। आंवला का तेल बालों की जड़ में लगाने से मन शीतल रहता है।

सामान्यतया आयुर्वेदिक औषधियों का कोई साईड इफेक्ट नहीं होता है। फिर भी उपयोगकर्ता को सलाह दी जाती है कि किसी भी नुस्खे का प्रयोग करने से पहले पूरी सावधानी बरतें और श्रेष्ठ जनों अथवा आवश्यक होने पर अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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