वैज्ञानिक नाम : Prunus Dulcis
बादाम को सामान्यत: सूखे मेवे की श्रेणी में रखा जाता है। परंतु वास्तव में यह बादाम के पेड़ के फल का बीज है। यह मुख्यत: दो प्रकार का होता है — एक मीठा और दूसरा कड़वा। मीठा बादाम का प्रयोग हम खाद्य पदार्थ के रूप में करते हैं वहीं कड़वे बादाम का प्रयोग तेल निकालने में किया जाता है।
बादाम पोषक तत्वों से परिपूर्ण होता है। हृदय रोगों, रक्तचाप नियंत्रण में, दिमाग तेज रखने में यह भारतीय परिवारों में प्रचलित रूप से व्यवहार किया जाता है।
बादाम में पाये जाने वाले पोषक तत्व :
100 ग्राम बादाम में लगभग 580 किलो कैलोरी ऊर्जा होती है। इसमें विटामिन बी, फाईबर, विटामिन ई, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, वसा, कार्बोहाइड्रेट आदि पोषक तत्व पाये जाते हैं।
बादाम के औषधीय प्रयोग :
1. दिमाग तेज करने/बुद्धिवर्धक के रूप में — बादाम को बुद्धिवर्धक कहा गया है। विद्यार्थियों के लिए यह बहुत ही उत्तम होता है। बादाम का नियमित सेवन स्मरण शक्ति तेज करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
2. मोटापा दूर करने में — अनेक शोधों में यह साबित हुआ है कि बादाम की एक नियमित मात्रा में सेवन करने से वजन घटाने में और मोटापे को दूर करने में सहायता मिलती है।
3. रक्तचाप नियंत्रण में — बादाम में पाया जाने वाला पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
4. हृदय रोग मे लाभकारी — बादाम में मौजूद एकल असंतृप्त वसा, प्रोटीन, और पोटैशियम हृदय के मजबूती के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम हर्ट अटैक रोकने में सहायक होता है।
5. रोग—प्रतिरोधक क्षमता के विकास में — बादाम शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करके रोग—प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करता है।
6. त्वचा की देख—भाल में — बादाम का तेल त्वचा के लिए उत्तम माना गया है। इसी कारण डॉक्टर नवजात शिशु को बादाम तेल से मालिश की सलाह देते हैं। बादाम का दूध त्वचा को सुन्दर—गोरा बनाने में भी सहायक होता है।
7. कैंसर प्रतिरोधी — बादाम में फाइबर की अधिकता के कारण कैन्सर से लड़ने की क्षमता होती है। इसलिए बादाम कैन्सर की रोकथाम और उपचार में भी सहायक होता है।
8. मधुमेह (Diabetes) से सुरक्षा — बादाम रक्त में ग्लूकोज और इंसुलिन की मात्रा को नियंत्रित करता है। इसलिए बादाम का नियमित सेवन मधुमेह के रोगियों के लिए लाभकारी होता है।
9. गर्भवती स्त्रियों के लिए फायदेमंद — बादाम गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशुओं को स्वस्थ रखता है। बादाम में फॉलिक एसिड पाया जाता है जो नवजात शिशु को गर्भ के अन्दर न केवल सम्पूर्ण विकास मे सहायता प्रदान करता है बल्कि उसे विकलांगता सम्बंधी दोषों से भी दूर रखता है।
बादाम पोषक तत्वों से परिपूर्ण होता है। हृदय रोगों, रक्तचाप नियंत्रण में, दिमाग तेज रखने में यह भारतीय परिवारों में प्रचलित रूप से व्यवहार किया जाता है।
बादाम में पाये जाने वाले पोषक तत्व :
100 ग्राम बादाम में लगभग 580 किलो कैलोरी ऊर्जा होती है। इसमें विटामिन बी, फाईबर, विटामिन ई, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, वसा, कार्बोहाइड्रेट आदि पोषक तत्व पाये जाते हैं।
बादाम के औषधीय प्रयोग :
1. दिमाग तेज करने/बुद्धिवर्धक के रूप में — बादाम को बुद्धिवर्धक कहा गया है। विद्यार्थियों के लिए यह बहुत ही उत्तम होता है। बादाम का नियमित सेवन स्मरण शक्ति तेज करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
2. मोटापा दूर करने में — अनेक शोधों में यह साबित हुआ है कि बादाम की एक नियमित मात्रा में सेवन करने से वजन घटाने में और मोटापे को दूर करने में सहायता मिलती है।
3. रक्तचाप नियंत्रण में — बादाम में पाया जाने वाला पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
4. हृदय रोग मे लाभकारी — बादाम में मौजूद एकल असंतृप्त वसा, प्रोटीन, और पोटैशियम हृदय के मजबूती के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम हर्ट अटैक रोकने में सहायक होता है।
5. रोग—प्रतिरोधक क्षमता के विकास में — बादाम शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करके रोग—प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करता है।
6. त्वचा की देख—भाल में — बादाम का तेल त्वचा के लिए उत्तम माना गया है। इसी कारण डॉक्टर नवजात शिशु को बादाम तेल से मालिश की सलाह देते हैं। बादाम का दूध त्वचा को सुन्दर—गोरा बनाने में भी सहायक होता है।
7. कैंसर प्रतिरोधी — बादाम में फाइबर की अधिकता के कारण कैन्सर से लड़ने की क्षमता होती है। इसलिए बादाम कैन्सर की रोकथाम और उपचार में भी सहायक होता है।
8. मधुमेह (Diabetes) से सुरक्षा — बादाम रक्त में ग्लूकोज और इंसुलिन की मात्रा को नियंत्रित करता है। इसलिए बादाम का नियमित सेवन मधुमेह के रोगियों के लिए लाभकारी होता है।
9. गर्भवती स्त्रियों के लिए फायदेमंद — बादाम गर्भवती महिलाओं और होने वाले शिशुओं को स्वस्थ रखता है। बादाम में फॉलिक एसिड पाया जाता है जो नवजात शिशु को गर्भ के अन्दर न केवल सम्पूर्ण विकास मे सहायता प्रदान करता है बल्कि उसे विकलांगता सम्बंधी दोषों से भी दूर रखता है।
10. हड्डी मजबूत करने में — बादाम में कैल्शियम की प्रचुरता होती है इसलिए इसका नियमित सेवन हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
11. काले धब्बों का इलाज — यदि आपके आंखों के नीचे डार्क सर्कल यानि काले धब्बे बन गये हैं तो बादाम का तेल इसमें असरकारी साबित हो सकता है। आप सोने से पहले बादाम का तेल आंखों के नीचे लगाकर सोयें इस प्रक्रिया को लगातार कम—से—कम 1 माह तक जारी रखें, अवश्य लाभ होगा।
सामान्यतया आयुर्वेदिक औषधियों का कोई साईड इफेक्ट नहीं होता है। फिर भी उपयोगकर्ता को सलाह दी जाती है कि किसी भी नुस्खे का प्रयोग करने से पहले पूरी सावधानी बरतें और श्रेष्ठ जनों अथवा आवश्यक होने पर अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

बादाम के औषधीय गुण एनीमिया में बहुत ही असरदार साबित होते हैं. खून की कमीं दूर करने के लिए 4 - 5 बादाम पानी में भिगो दें और सुबह उठ कर इनका सेवन करें.
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