गले के रोगों का घरेलू उपचार

गले के रोगों का घरेलू उपचार

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  • यदि गले में खराश और दर्द की शिकायत हो तो गुनगुने पानी में सिरका डालकर गरारे करने से गले की पीड़ा समाप्‍त हो जाती है।
  • गले की खराश में अनार के छिलके का प्रयोग भी लाभकारी होता है। अनार के छिलके को पानी में उबाल लें। उबलते हुए पानी में दो लौंग पीसकर डालें। जब पानी उबलकर आधा रह जाए तो थोड़ी सी फिटकरी को बुरक कर डालें। अब इस गुनगुने पानी से गरारे करें। गले की खराश में निश्‍चय आराम मिलेगा।
  • यदि गले में सूजन की शिकायत हो तो हरे धनिये को पीसकर उसमें गुलाब जल मिलाकर गले पर लेप लगायें।
  • यदि गला बैठ गया हो तो आंवले के चूर्ण को गाय के ताजे दूध के साथ सेवन करें।
  • यदि सर्दी-जुकाम के कारण गला बैठ गया हो तो एक गिलास पानी में एक चुटकी हल्‍दी डालकर उबालें। अब इस गुनगुने पानी से गरारे करें लाभ होगा।
  • पानी में अजवायन डालकर तब तक उबालें जब तक कि पानी जलकर आधा हो जाये। इस पानी से गरारे करने से गले सम्‍बंधी सभी रोगों में आराम मिलता है।
  • गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर उसमें थोड़ी नमक मिलाकर गरारे करें। इससे बैठे हुए गले में आराम मिलता है और आवाज की विकृति भी दूर होती है।
  • यदि आवाज में विकृति हो गयी है तो एक गिलास गुनगुने पानी में 2 चम्‍मच शहद डालकर घूंट-घूंट कर पीएं, राहत मिलेगी।
  • यदि गरम वस्‍तु खाने-पीने से गला, जीभ अथवा तालु पक जाए तो प्‍याज के रस को पानी में डालकर गरारे करें। 

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