एलोवेरा / घृतकुमारी/ ग्वारपाठा Aloe Vera
वैज्ञानिक नाम : Aloe Vera
एलोवेरा सम्पूर्ण विश्व में एक औषधीय पौधे के रूप में विख्यात है। एलोवेरा मूलत: उत्तरी अफ्रीका का पौधा है जिसे सत्रहवीं शताब्दी में चीन, भारत और दक्षिणी यूरोप के विभिन्न भागों में लाया गया था। वर्तमान में पूरे विश्व में एलोवेरा की लगभग 275 प्रजातियां उगाई जाती हैं।
एलोवेरा एक गूदेदार रसीला पौधा होता है। इसके रस से बने एलोवेरा जूस अनेकानेक व्याधियों में लाभकारी होता है।
एलोवेरा के औषधीय और अन्य विभिन्न प्रयोग :
1. त्वचा की सुन्दरता व स्वस्थता बनाए रखने में — एलोवेरा का रस त्वचा को जरूरी मिनरल व पोषक तत्व प्रदान करता है जिससे त्वचा कोमल और सुन्दर होने के साथ—साथ व्याधियों से मुक्त रहती है।
2. पाचन—तंत्र को मजबूत करने में — एलोवेरा आंत को मजबूत बनाता है। एलोवेरा जूस के सेवन से पाचन—तंत्र अच्छी तरह काम करता है। यदि आपको एसिडिटी, गैस या पेट में जलन की समस्या है तो खाने से पहले 25—30 मिली. एलोवेरा के जूस का सेवन करें, लाभ होगाा। यह पेट अल्सर में भी लाभकारी होता है।
3. कब्ज दूर करने में — एलोवेरा जूस का नियमित सेवन कब्ज को हमेशा के लिए दूर करता है।
4. मधुमेह में — एलोवेरा जूस मधुमेह के रोगियों में शर्करा के उच्च स्तर को कम कर के नियंत्रित करता है।
5. रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में — एलोवेरा का रस उच्च रक्तचाप व हाई कोलेस्ट्राल को कम करता है।
6. महिलाओं की समस्या में उपयोगी — एलोवेरा का रस महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है। उनकी स्किन सम्बंधी समस्याओं के साथ—साथ यह माहवारी सम्बंधी विकारों को दूर करने में भी लाभकारी होता है। एलोवेरा—रस महिलाओं में योनि संक्रमण के उपचार में भी लाभदायाक होता है।
7. गठिया में — एलोवेरा जूस गठिया, जोड़ों के सूजन में लाभकारी होता है। इसके सेवन से जोड़ों का सूजन कम होता है।
8. मुंह के छालों व मुंह के अन्य रोगों में — एलोवेरा रस मुंह के छालों को ठीक करता है। यह मसूढ़ों को मजबूती प्रदान करता है और दांत को कीड़ों से बचाता है।
9. हेल्थ टॉनिक के रूप में — एलोवेरा में विटामिन्स, फॉलिक एसिड, सोडियम, लौह तत्व, पोटैशियम, जस्ता, तांबा, मैंगनीज, मैग्नीशियम, एमीनो एसिड आदि पोषक तत्व पाये जाते हैं। इसलिए इसे हेल्थ टॉनिक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
10. रक्त को शुद्ध करने में — एलोवेरा रक्त को परिशुद्ध करने में सहायक होता है।
एलोवेरा सम्पूर्ण विश्व में एक औषधीय पौधे के रूप में विख्यात है। एलोवेरा मूलत: उत्तरी अफ्रीका का पौधा है जिसे सत्रहवीं शताब्दी में चीन, भारत और दक्षिणी यूरोप के विभिन्न भागों में लाया गया था। वर्तमान में पूरे विश्व में एलोवेरा की लगभग 275 प्रजातियां उगाई जाती हैं।
एलोवेरा एक गूदेदार रसीला पौधा होता है। इसके रस से बने एलोवेरा जूस अनेकानेक व्याधियों में लाभकारी होता है।
एलोवेरा के औषधीय और अन्य विभिन्न प्रयोग :
1. त्वचा की सुन्दरता व स्वस्थता बनाए रखने में — एलोवेरा का रस त्वचा को जरूरी मिनरल व पोषक तत्व प्रदान करता है जिससे त्वचा कोमल और सुन्दर होने के साथ—साथ व्याधियों से मुक्त रहती है।
2. पाचन—तंत्र को मजबूत करने में — एलोवेरा आंत को मजबूत बनाता है। एलोवेरा जूस के सेवन से पाचन—तंत्र अच्छी तरह काम करता है। यदि आपको एसिडिटी, गैस या पेट में जलन की समस्या है तो खाने से पहले 25—30 मिली. एलोवेरा के जूस का सेवन करें, लाभ होगाा। यह पेट अल्सर में भी लाभकारी होता है।
3. कब्ज दूर करने में — एलोवेरा जूस का नियमित सेवन कब्ज को हमेशा के लिए दूर करता है।
4. मधुमेह में — एलोवेरा जूस मधुमेह के रोगियों में शर्करा के उच्च स्तर को कम कर के नियंत्रित करता है।
5. रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में — एलोवेरा का रस उच्च रक्तचाप व हाई कोलेस्ट्राल को कम करता है।
6. महिलाओं की समस्या में उपयोगी — एलोवेरा का रस महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है। उनकी स्किन सम्बंधी समस्याओं के साथ—साथ यह माहवारी सम्बंधी विकारों को दूर करने में भी लाभकारी होता है। एलोवेरा—रस महिलाओं में योनि संक्रमण के उपचार में भी लाभदायाक होता है।
7. गठिया में — एलोवेरा जूस गठिया, जोड़ों के सूजन में लाभकारी होता है। इसके सेवन से जोड़ों का सूजन कम होता है।
8. मुंह के छालों व मुंह के अन्य रोगों में — एलोवेरा रस मुंह के छालों को ठीक करता है। यह मसूढ़ों को मजबूती प्रदान करता है और दांत को कीड़ों से बचाता है।
9. हेल्थ टॉनिक के रूप में — एलोवेरा में विटामिन्स, फॉलिक एसिड, सोडियम, लौह तत्व, पोटैशियम, जस्ता, तांबा, मैंगनीज, मैग्नीशियम, एमीनो एसिड आदि पोषक तत्व पाये जाते हैं। इसलिए इसे हेल्थ टॉनिक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
10. रक्त को शुद्ध करने में — एलोवेरा रक्त को परिशुद्ध करने में सहायक होता है।
सामान्यतया
आयुर्वेदिक औषधियों का कोई साईड इफेक्ट नहीं होता है। फिर भी उपयोगकर्ता
को सलाह दी जाती है कि किसी भी नुस्खे का प्रयोग करने से पहले पूरी सावधानी
बरतें और श्रेष्ठ जनों अथवा आवश्यक होने पर अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य
लें।

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